top of page

Ashtak Varg Learning Group

Public·27 members

जन्म कुंडली का तीसरा भाव


तीसरा भाव व्यक्ति के पराक्रम, पौरुष तथा सुदृढ़ता का है ।


इससे यह देखा जाता है कि इस व्यक्ति में कितनी जीवट शक्ति है या यह जीवन में संघर्षों का सामना कर पाएगा या नहीं ।


इस भाव से देखा जाता है कि यह डरपोक किस्म का होगा या सुदृढ़ चट्टान के समान आगे के जीवन में संघर्षों से सामना कर सकेगा आदि तथ्यों का ज्ञान इसी भाव से किया जाता है ।


इस भाव से (छोटे) भाई, बहनों की संख्या, भाइयों से संबंध और उनसे सहयोग आदि का ज्ञान भी संभव हो सकता है ।

About

सदगुरुदेव महाराज के आशीर्वाद और उनकी प्रेरणा से अष्टक वर्ग ज...
bottom of page