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सभी सामग्री (माला और भोजपत्र को छोड़कर) बाजोट पर पर बिछे वस्त्र में बांधकर सदगुरुदेव से पूर्ण सफलता की प्रार्थना करते हुए किसी वीरान स्थान में रख दें और फर्श को धो या पोंछ लें...हां, याद रखिये, मैथुन चक्र, मात्र पहले दिन ही भूमि और पात्र में बनेगा, उसे नित्य बनाने की जरूरत नहीं है । भोजपत्र को स्वच्छ जल में विसर्जित कर दें ।
Jb samagri veeran sthan me chodni hai to kya tambe ki plate jisme maithun chakra bnaya hai use bhi chhodke ana hai? Or mala sumeru me Shakti sthapna kaise kren... Kripya jankari den


तांबे की प्लेट को विसर्जित करने की आवश्यकता नहीं है। आप उसको धोकर अन्य कार्यों में प्रयोग कर सकते हैं