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🙏त्वदीयं वस्तु गोविन्दं तुभ्यमेव समर्पयेत 🙏
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Oct 12, 2026 ∙ 9 min
यंत्र विशेषांकः श्रीयंत्र एवं वास्तु कृत्या यंत्र
अब श्रीयंत्र का बहुत ही सटीक डिजाइन तैयार है और इसको लेज़र से प्रिंट कराने पर कार्य चल रहा है । मैं आप सभी के साथ इन सभी चीजों की डिटेल्स शेयर करुंगा । ये जैक कोर्विन के तैयार किये हुए श्रीयंत्र से करीब 1000 गुना ज्यादा सटीक है । कारण भी यही है कि इस सॉफ्टवेअर पर किसी भी लाइन को करीब 1000 गुना बढ़ाकर देखा जा सकता है । किसी भी कोण को सटीकता से बनाया जा सकता है ।
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May 26, 2026 ∙ 7 min
सौन्दर्य बोध विशेषांक - भाग ६ (अप्सरा/यक्षिणी हृदय कीलन क्रिया)
शक्ति कीलन की यह क्रिया साधना के प्रारंभ में की जाती है । मंत्र लिखते समय जब आप मंत्र के अक्षरों को लिखते हैं, तो उस अक्षर पर २१ बार मूल मंत्र को जप कर अनामिका उंगली का स्पर्श करना चाहिए । ये क्रम अंतिम अक्षर तक रहता है । यही क्रिया शक्ति कीलन की क्रिया कहलाती है । उसके बाद इस यंत्र पर त्राटक का अभ्यास करते हुये मूल साधना मंत्र का जप करना चाहिए । इस क्रिया के द्वारा साधक अप्सरा या यक्षिणी को अपने मंत्रों से कीलित कर लेता है या बांध लेता है और, अप्सरा या यक्षिणी को प्रत्यक्ष होने और सिद्धि देने..
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Mar 28, 2026 ∙ 10 min
सौन्दर्य बोध विशेषांक - भाग ५ (अप्सरा साधनाओं में सफलता के सूत्र)
जरा सोचिये कि एक सामान्य स्त्री भी आपको देखकर आपके मनोभावों का पता कर सकती है तो क्या अपार शक्ति संपन्न अप्सरा और यक्षिणियां ऐसा नहीं कर सकेंगी । वास्तविकता तो यह है कि हम जैसे होते हैं, और चिंतन करते हैं, हमारे चारों ओर वैसा ही ऊर्जा क्षेत्र निर्मित हो जाता है । यदि यह सात्विक है तो यह न सिर्फ सामान्य जनों को आकर्षित करता है, बल्कि साधना संपन्न होने पर देव वर्ग को भी आकर्षित करने की क्षमता रखता है । इसलिए चिंतन हमेशा सात्विक रहना चाहिए ।
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Rajeev Sharma
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