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सौन्दर्य बोध विशेषांक - भाग 4 (पंचदशी यंत्र निर्माण एवं दिव्य नेत्र जागरण क्रिया)
अप्सरा और यक्षिणी साधनाओं के लिए पंचदशी यंत्र की सिद्धि का होना अति आवश्यक है, ये यंत्र इन साधनाओं में सफलता प्राप्त करने हेतु साधक के लिए आधार का कार्य करता है । जब सदगुरुदेव ने धनदा शिविर का आयोजन किया था तो शिष्यों के सामने इस यंत्र की महत्ता को स्पष्ट करते हुये बताया था कि कैसे पंचदशी यंत्र और सिद्धिप्रद मंत्र अप्सरा - यक्षिणी साधनाओं में सफलता प्राप्ति के लिए आवश्यक होता है और इसकी क्या भूमिका होती है ।
Rajeev Sharma
Dec 411 min read


अंक विद्या-भाग ६ (मूलांक)
आज हम अंक और उनका ग्रहों के साथ संबंध स्पष्ट करने जा रहे हैं । अंक अपने आप में असीम शक्ति छिपाये हुये हैं । जहां उनके प्रयोग से भविष्य की...
Rajeev Sharma
Nov 2814 min read


सदगुरु कृपा विशेषांकः सौन्दर्य बोध विशेषांक - भाग 3 (वीर एवं भैरव स्थापन)
इंद्र स्थापन की यह प्रक्रिया लगातार 3 दिन तक चलती है, इसलिए बेहतर यही रहता है कि पहले से ही इस गुटिका का निर्माण करके कहीं सुरक्षित रख लिया जाए और जब मूल साधना करनी हो तब इसे अप्सरा मंडल यंत्र के बायीं और, अर्थात आपके दांयी और स्थापित कर लिया जाए ।
Rajeev Sharma
Nov 78 min read
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