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सद्गुरु कृपा विशेषांक - मन की शक्ति से कार्य सिद्धि

Feb 6, 2024
10 min read

Updated: Aug 5, 2025


सहारनपुर यज्ञ महोत्सव संपन्न हो चुका है । दिव्यता क्या होती है ये तो हमने अलीगढ़ महोत्सव में ही देख लिया था लेकिन दिव्यता के साथ परम आनंद क्या होता है, ये तो सहारनपुर यज्ञ महोत्सव में ही देख सके ।


जीवन में कई महान यज्ञों में भाग लेने का सौभाग्य मिला है लेकिन यह यज्ञ अपने आप में बहुत सी दुर्लभतम घटनाओं को भी अपने आप में समेटे हुये था, गुरु आज्ञा मिली तो कभी उस पर भी चर्चा अवश्य करुंगा लेकिन आज तो केवल इतना ही बता सकता हूं कि जो भी भाई- बहन इस यज्ञ में किसी भी प्रकार से शामिल रहे हैं, उनके सौभाग्य की तुलना किसी भी भौतिक वस्तु से नहीं की जा सकती है ।


मैं स्वयं भी अपने आपको इस लायक नहीं पा रहा हूं जो शब्दों के माध्यम से उस दिव्य आनंद की अनुभूति को आपके समक्ष रख सके । लगभग ऐसी ही हालत उन सबकी भी है जो उस यज्ञ में भाग लिये हैं ।


इसलिए अगर जीवन में इस दिव्य आनंद की अनुभूति करना चाहते हैं तो मेरी राय में केवल एक ही तरीका है - सदगुरुदेव महाराज से प्रार्थना कीजिए कि आपको भी जीवन में इस प्रकार के यज्ञ में भाग लेने का सौभाग्य मिल सके ।


मैं यज्ञ से चुनिंदा कुछ तस्वीरें यहां शेयर कर रहा हूं, आप सब भी आनंद लीजिए -


सहारनपुर यज्ञ महोत्सव

(जनवरी 24 - 25, 2024)



परिवर्तन का जीवन में महत्व

जब हम परिवर्तन को पकड़ लेने की क्रिया सीख जाएंगे तो यह क्रिया साधना ही कहलाती है । साधना केवल ईश्वर प्राप्ति और भक्ति का मार्ग नहीं है । साधना तो स्वयं की देह में स्वच्छता लाने, मन में शुद्धता लाने, घर में आनंद और संतोष लाने, परिवार में सद्भावना लाने, समाज में यश और कीर्ति लाने, भौतिक जीवन में लक्ष्मी लाने तथा उसे अपने घर में स्थाई रूप से निवास कराने तथा आध्यात्मिक जीवन में पूर्णता प्राप्त करने की प्रक्रिया है । यही साधना का एक क्रम है, जिसे निभाना है ।

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