यज्ञ महोत्सव २०२६
राजस्थान (फतुही) यज्ञ महोत्सव २०२६

इस यज्ञ के आयोजन का बहुत से भाई - बहनों को एक इंतजार सा रहता है । रहे भी क्यों नहीं - एक विशाल और भव्य यज्ञ, जिससे प्राप्त होने वाले पुण्यों को देवदुर्लभ पुण्य की संज्ञा दी जाती हो, उसकी तो हम लोग भी पल - पल प्रतीक्षा करते हैं । । यज्ञों की यह श्रृंखला उत्तराखंड से शुरु हुयी थी और अब तक लगभग १२ यज्ञ संपन्न हो चुके हैं । गृहस्थ हो या सन्यासी, भौतिक और आध्यात्मिक जीवन को गति देने के लिए प्रतिवर्ष मात्र 1 या 2 यज्ञ ही अपने आप में पर्याप्त हैं ।
आज आप सबको सूचित करते हुए मुझे अपार प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि अगले यज्ञ महोत्सव की तारीख निर्धारित हो गई है ।
यज्ञ प्रारंभ: नवंबर 23, 2026, प्रातः ६ बजे से
पूर्णाहुति: नवंबर 24, 2026, पूर्वान्ह ११ बजे तक
यज्ञ स्थल: ग्राम फतुही, श्रीगंगानगर, राजस्थान
मुख्य आयोजक - श्री राजपाल सिंह Rajpalsingh s/o Patram Sheoran
ग्राम एवं पोस्ट - Fatuhi
जिला एवं तहसील - Sri Ganganagar
राजस्थान
पिनकोड- 335001
जो लोग ट्रेन से आ रहे हैं, वह दिल्ली में सराय रोहेला स्टेशन से श्रीगंगानगर स्टेशन तक की टिकट बुक कर सकते हैं । स्टेशन से गांव तक के लिए वाहन की व्यवस्था रहेगी ।
प्रयास कीजिए कि यज्ञ से एक दिन पहले ही पहुंचा जाए ताकि आपाधापी की समस्या न हो ।
लगातार 24 घंटे चलने वाले इस यज्ञ की महत्ता को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है लेकिन इस यज्ञ में भाग लेने के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते ही है । इस यज्ञ से जो पुण्य प्राप्त होता है वह भी देवदुर्लभ है। इसलिए इस यज्ञ में आप पधारें, परिवार सहित आयें। रुकने, ठहरने और प्रसाद संबंधी सारी व्यवस्थाएं आयोजक मंडल की तरफ से होंगी।
यज्ञ का प्रारंभ नवंबर 23, 2026, प्रातः 6 बजे से होगा और लगातार 24 घंटे तक चलने वाले इस यज्ञ की पूर्णाहुति नवंबर 24, 2026, पूर्वान्ह ११ बजे तक हो जाएगी । दरअसल यज्ञ से पहले पूजन कार्यक्रम में 2 - 3 घंटे लग जाते हैं तो इतना समय लेकर चलना पड़ता है । भोजन - प्रसाद का वितरण होते - होते आप सांय 3 - 4 बजे तक फ्री हो सकते हैं । तो जो गुरु भाई - बहन इस यज्ञ में भाग लेने की इच्छा रखते हैं वह अपना वापसी का कार्यक्रम नवंबर 24, 2026, की रात्रि का कर सकते हैं या अगले दिन प्रातःकाल भी ट्रेन मिल सकती है । रुकने की व्यवस्था रहेगी इसलिए इस ओर से चिंता न करें ।
यज्ञ के बाद भी रात्रि में रुकने की व्यवस्था इसलिए की जाती है कि जाड़े का समय रहेगा और शाम 5 - 6 बजे तक अंधेरा हो जाता है ।
अपने साथ क्या लेकर चलें?
यज्ञ स्थल पर आपके रुकने की पूरी व्यवस्था रहेगी, भोजन प्रसाद, फलाहार इत्यादि की व्यवस्था आयोजकों की तरफ से ही होगी इसलिए उस तरफ चिंता करने की आवश्यकता नहीं है । हालांकि रास्ते के लिए गरम कपड़े अवश्य रखकर लायें ।
श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से यज्ञ स्थल तक कैसे पहुंचेंगे?
श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से यज्ञ स्थल तक की दूरी मात्र १० किमी है । स्टेशन से फतुही गांव तक के लिए वाहन की व्यवस्था की जाएगी । अगर सभी एक साथ पहुंच जाएं तो आयोजकों के लिए व्यवस्था करना आसान रहता है ।
उदाहरण के लिए हमारी टीम २२ नवंबर की सुबह ही श्रीगंगानगर स्टेशन पहुंच जाएगी तो सभी एक साथ ही गांव चलेंगे । ताकि यज्ञ की तैयारियों में मदद की जा सके ।
जो भाई - बहन इस यज्ञ में भाग लेने की इच्छा रखते हैं, वो मुझसे #8979480617 पर WhatsApp या कॉल करके संपर्क कर सकते हैं । अगर कोई विशेष आवश्यकता हो तो आप हमें संपर्क करके अवश्य बता दें ताकि आपके लिए समय रहते व्यवस्था की जा सके।
यज्ञ में योगदान कैसे करें?
सदगुरुदेव महाराज की कृपा से इस यज्ञ की व्यवस्था करने में सक्षम सभी गुरु - भाई बहन एक साथ आ चुके हैं । फिर भी बहुत से गुरु भाई - बहनों ने इस यज्ञ में योगदान की इच्छा जतायी है, तो आप सबका भी स्वागत है । सबको इसका फल मिले और सभी इस यज्ञ से प्राप्त पुण्य के भागी बनें, इसलिए यज्ञ में आने वाले योगदान को यज्ञ में ही प्रयोग किया जाएगा ।
अगर आप धनराशि से योगदान करना चाहते हैं तो आप इस लिंक के माध्यम से कर सकते हैं ।
अगर आप कोई सामग्री विशेष को लेकर योगदान करना चाहते हैं तो आप ऊपर दी हुयी लिंक के माध्यम से योगदान करते समय लिख दीजिए । उस धनराशि का इस्तेमाल उसी कार्य में किया जाएगा । अगर आप सामग्री विशेष अपने साथ लेकर आना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं ।
यज्ञ में प्रयुक्त होने वाली सामग्री का विवरण -
हवन सामग्री (शांतिकुंज) | 80 किलो |
कमलगट्टा | 15 किलो |
देशी घी (गाय) | 25 किलो |
मिश्री | 5 किलो |
गुड़ | 5 किलो |
गुड़ पाउडर | 5 किलो |
काले तिल | 10 किलो |
शक्कर | 5 किलो |
इलायची | 250 ग्राम |
लौंग | 250 ग्राम |
काली मिर्च (साबुत) | 500 ग्राम |
चीड़ की लकड़ी | 20 किलो |
कमलगट्टे की माला | 25 |
काली सरसों | 10 किलो |
पीली सरसों | 10 किलो |
हरे नींबू (छोटे वाले) | 400 या 12 किलो |
लाल मिर्च (साबुत) | 5 किलो |
बादाम | 500 ग्राम |
काजू | 500 ग्राम |
कागफल | 1 किलो |
यज्ञ में और भी लगभग 50 - 60 प्रकार की सामग्री ऐसी होगी जिसका इंतजाम स्थानीय स्तर पर करना ही उचित रहता है । यहां पर जो सामग्री बतायी गयी है वह आप अपने साथ ला सकते हैं या उसमें योगदान कर सकते हैं ।
यज्ञ में किन मंत्रों का प्रयोग होगा?
यज्ञ में मूल रूप से गुरु मंत्र से ही आहुति दी जाएंगी । हालांकि मूल गुरु मंत्र के अतिरिक्त भी सदगुरुदेव प्रदत्त विभिन्न बीज मंत्रों के साथ गुरु मंत्र से आहुति दी जाएंगी, इनमें मुख्य रुप से क्रीं, क्लीं, ह्रीं बीज युक्त गुरु मंत्र से आहुतियां देना सुनिश्चित किया गया है । प्रयास यही रहेगा कि प्रत्येक मंत्र को कम से कम 2 से 3 घंटे का समय मिल सके ।
माता महालक्ष्मी, माता बगलामुखी और महाशांति विधान से संबंधित मंत्रों के लिए भी विशेष लक्ष्य निर्धारित किया गया है । इसके अलावा इस बार मां तारा महाविद्या के मंत्रों के लिए भी विशेष समय निर्धारित किया गया है ।
अब आप स्वयं ही सोच लीजिए कि क्या इस प्रकार के दिव्य यज्ञ में भाग लेने का मौका छोड़ना उचित है?
मेरा तो सुझाव यही है कि अगर 100 काम छोड़कर भी इस दुर्लभ यज्ञ में भाग ले सकें तो भी बहुत सस्ता सौदा है । कौन जाने फिर इस तरह के यज्ञ में भाग लेने का अवसर कब मिल सकेगा । और, मिलेगा भी या नहीं, कौन जाने ।
यज्ञ में भाग लेने के नियम
कोई विशेष नियम नहीं है लेकिन कुछ अपेक्षायें हैं -
अपनी धोती, गुरु चादर और आसन साथ लायें ।
यज्ञ के दौरान शुचिता का ध्यान रखें । जैसे कि लघुशंका के बाद इंद्रिय प्रक्षालन (पानी से धोना), स्नान और आचमन के बाद ही यज्ञ में वापस बैठें। अगर (स्वास्थ्य कारणों से) नहाना संभव न हो तो कम से कम ठीक से हाथ, पैर, मुंह धोकर ही वापस आयें । शौच के बाद स्नान करना अनिवार्य रहेगा ।
हम लोग यज्ञ के समय व्रत में रहेंगे तो फलाहार की व्यवस्था रहेगी और आशा की जाती है कि हम लोग व्यर्थ के कार्य - कलापों में स्वयं को व्यस्त नहीं करेंगे ।
यंत्र वितरण का कार्यक्रम
जिन विशेष यंत्रों का निर्माण हो रहा है, उनका वितरण भी यज्ञ के समय ही किया जाएगा । अगर आप किसी कारणवश यज्ञ महोत्सव में शामिल न हो सकें तो कोई बात नहीं, आपका यंत्र कूरियर के माध्यम से भेज दिया जाएगा ।
सदगुरुदेव महाराज आप सभी का कल्याण करें ।
अस्तु ।



Comments