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गुरु दीक्षाः जीवन का सौभाग्य

Updated: Sep 1

एक ऐसी दीक्षा जिसका प्रभाव पूरे जीवन तो रहता ही है और, जीवन के बाद भी रहता ही है । क्योंकि एक बार गुरु से डोरी जुड़ जाए तो फिर गुरु उसे अपने से अलग नहीं होने देते ।


जब मुझे गुरु दीक्षा प्राप्त हुयी थी, तब मुझे तो इसका अहसास भी नहीं था कि गुरु दीक्षा का आखिर मतलब क्या है, आखिर गुरु दीक्षा क्यों लेनी चाहिए?


वैसे सच बताऊं तो ये क्षमता मुझमें आज भी नहीं आ पायी है कि गुरु दीक्षा के महत्व को शब्दों का रुप दे सकूं । आखिर आप पूरे समुद्र को एक बर्तन में कैसे भर सकते हैं? गुरु के महत्व को तो शास्त्र, वेद और पुराण भी पूरी तरह से नहीं समझा पायें हैं, हमारी तो खैर हैसियत ही क्या है ।


पर सरल भाषा में इसको अगर समझना चाहें तो इसको ऐसे समझिये कि अगर आपको अपने घर में बिजली का कनेक्शन लेना है तो आप सीधे तो उस लाइन से बिजली का कनेक्शन नहीं ले सकते जो किसी परमाणु बिजली घर से या किसी पानी के डैम पर तैयार होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाती है । आप सब जानते हैं कि इन लाइनों की वोल्टेज लाखों में होती है । यानी कि अगर हाथ छू भी जाए तो समझ लीजिए कि मृत्यु ही एक मात्र विकल्प रह जाता है ।


ऐसा ही कुछ आध्यात्मिक जगत में भी होता है । अगर हम गुरु दीक्षा लिये बिना ही किसी साधना में बैठ जाते हैं तो हमारा भी वही हाल हो सकता है जैसे कि लाखों वोल्टेज का करंट लिए किसी बिजली के तार को छूने मात्र से हो सकता है ।


और यहां कहने का तात्पर्य ये भी है कि अगर हम गुरु को बाईपास करके, सीधे उस देवी या देवता से ही शक्ति प्राप्त करने का प्रयत्न भी करते हैं तो भी हाल वही होगा जो कि लाखों वोल्टेज का करंट लिए किसी बिजली के तार को छूने मात्र में हो सकता है ।


कल्पना करिये कि आप गुरु से दीक्षित नहीं हैं और, आप किसी देवी या देवता की उपासना करते हैं अथवा साधना करते हैं । तो आप जान लीजिए कि आप जो भी साधना करेंगे तो उसकी ऊर्जा या उसका फल आपको सीधे ही प्राप्त होगा । उन देवी या देवताओं को इस बात से चिंता अवश्य हो सकती है कि उनका साधक उस ऊर्जा को झेल पायेगा या नहीं लेकिन, वो इस बात के लिए बाध्य नहीं होते हैं कि वो आपकी साधना का फल आपको न दे सकें । बात सीधी सी है; आप उनकी साधना करेंगे तो आपको उस साधना का फल प्राप्त होगा ही और वह ऊर्जा आपको स्वतः ही प्राप्त हो जाएगी । पर आपके इष्ट को, उससे होने वाले लाभ या हानि से ज्यादा सरोकार नहीं रहता । वो आपको समझाने का प्रयत्न तो कर सकते हैं पर आपको साधना का फल लेने से रोक नहीं सकते । और, यहीं पर काम गड़बड़ हो जाता है । इतिहास साक्षी है कि जितने भी साधक शक्ति प्राप्त किये हैं, गुरु के अभाव में वही शक्ति उनके लिए दोधारी तलवार ही साबित हुयी है ।


पर गुरु के साथ ऐसा नहीं होता । गुरु आपके जन्म जन्मांतर के साक्षी होते हैं । आपके हानि-लाभ में, आपके सुख-दुख में बराबर के भागीदार होते हैं और वो अपने शिष्य को कभी भी पतन के गर्त में नहीं जाने देते । आप जितनी भी साधना करते हैं तो उस साधना की ऊर्जा सीधे आपके पास नहीं पहुंचती है । वो पहले गुरु के पास जाती है । गुरु ही आपकी क्षमता के अनुसार ये तय करते हैं कि आपको कितनी और किस प्रकार की ऊर्जा दी जाए । अगर गुरु ऐसा न करें तो शायद आधे तो ज्यादा साधक या तो विक्षिप्त होकर पागलों की तरह हो जाएंगे या फिर अपना ही शारीरिक या मानसिक नुकसान कर सकते हैं ।


तो अगर आपको अपने घर में बिजली चाहिए तो आपको बिजली विभाग में एप्लीकेशन तो लगानी ही पड़ेगी । बस, आप ठीक समझ गये हैं । अगर हम आध्यात्मिक जगत में रहकर जीवन में उन्नति करना चाहते हैं तो हमें गुरु से दीक्षा लेनी ही चाहिए । जिस प्रकार से घर में एक बार बिजली का कनेक्शन हो जाए तो फिर आप किसी भी उपकरण को चला सकते हैं, इसी प्रकार एक बार आप गुरु से गुरु दीक्षा ले लें तो फिर आप किसी भी साधना को कर सकते हैं ।


पर ये भी ध्यान रखिये कि जब घर में उपकरणों की संख्या अधिक हो जाती है या लोड बढ़ जाता है तो बिजली घर में जाकर लोड बढ़वाने की भी एप्लीकेशन देनी पड़ती है । नहीं तो बिजली विभाग स्वतः ही आपके घर का लोड बढ़ा देगा । उसी प्रकार से जब हम साधनात्मक स्तर से मजबूत हो जाते हैं और किसी भी साधना की ऊर्जा को पचा पाने में सक्षम हो जाते हैं तो हमें समय - समय पर शक्तिपात युक्त विभिन्न दीक्षाओं के लिए गुरु से प्रार्थना करनी चाहिए । गुरु कृपालु होते हैं और शिष्य की पुकार पर दीक्षा प्रदान करते ही हैं ।


जीवन में जब भी सौभाग्य का उदय होता है तो मन के चक्षु भी आंखें खोल लेते हैं । यही वो समय होता है जब हम गुरु से गुरु दीक्षा प्राप्त करते हैं । श्रेष्ठ तो यही होता है कि गुरु अगर सशरीर मौजूद हों तो दौड़कर उनके चरण पकड़ लेने चाहिए । और उनसे गुरु दीक्षा की याचना करनी चाहिए । मैंने याचना शब्द का इस्तेमाल किया है और अगर कभी समय मिला तो इसकी महत्ता बताने का प्रयास करूंगा कि क्यों गुरु के सामने याचना करनी चाहिए । एक बात ध्यान रखिये, जीवन में अगर किसी के सामने सिर झुकाना हो तो केवल माता-पिता और गुरु के सामने ही झुकाना चाहिए । क्योंकि हमारे जीवन के यही सूत्रधार हैं । अगर ये न हों तो ये जीवन तो व्यर्थ ही है । इसका कोई मोल नहीं है ।


"अगर गुरु सशरीर मौजूद हैं तो जाकर उनके पैर पकड़ लीजिए और प्रार्थना कीजिए कि वह आपको गुरु दीक्षा प्रदान करें । अगर आप बहुत दूर हैं या शारीरिक रुप से अशक्त हैं अथवा कोई ऐसा कारण है कि आप फोटो के माध्यम से भी गुरु दीक्षा प्राप्त न कर पा रहे हों तब आप इन रिकॉर्डिंग के माध्यम से गुरु दीक्षा प्राप्त करें । और, जब समय अनुकूल हो तब सदगुरुदेव महाराज के समक्ष अवश्य जाएं और अपनी तरफ से गुरु दक्षिणा भी अवश्य उनके श्री चरणों में रख दें" ।

जिन लोगों ने सद्गुरुदेव से दीक्षा ली है वो बहुत ही सौभाग्यशाली हैं । पर जो नहीं ले पाये हैं अथवा बार - बार लेना चाहते हैं तो सदगुरुदेव ने कहा है कि किसी भी प्रकार की दीक्षा रिकॉर्डिंग के माध्यम से भी ले सकते है। मेरा तो मानना है कि गुरु दीक्षा रोजाना कम से कम एक बार लेनी ही चाहिए … क्योंकि जन्म-जन्मांतर के पाप निरंतर गुरु दीक्षा लेने से जल कर भस्म हो जाते है ।


अच्छा तो यही रहता है कि आप यह गुरु दीक्षा प्रतिदिन ही ग्रहण करें पर अगर ऐसा न कर सकें तो कम से कम 41 दिन तक लगातार रोजाना गुरु दीक्षा ग्रहण करें । उसके बाद ही या उसके साथ ही, किसी भी साधना को शुरू करें। सदगुरुदेव प्रदत्त गुरु दीक्षा के कुछ वीडिओ हमने यूट्यूब पर अपलोड़ कर दिये हैं, उन सभी वीडिओ की लिंक को यहां पोस्ट किया जा रहा है । जब भी दीक्षा ग्रहण करना चाहें, किसी भी वीडिओ को चला लें और, इस वीडियो के सामने ऐसे भाव के साथ बैठें कि आप सदगुरुदेव के चरणों में ही बैठे हैं और, वे आपको गुरु दीक्षा प्रदान कर रहे है। वो आपको जैसा-जैसा करने को बोल रहे हैं, वैसा-वैसा आप करते जाइये और गुरु दीक्षा ग्रहण कीजिये।


गुरु दीक्षा लेने के बाद ४ माला गुरुमंत्र, १ माला चेतना मंत्र और १ माला गायत्री मंत्र जरूर करें ।

 

गुरु दीक्षा (प्रथम वीडिओ)

 

यह गुरु दीक्षा का प्रथम वीडिओ है । अगर आप बाकी दूसरे वीडिओ भी देखकर गुरु दीक्षा ग्रहण करना चाहते हैं तो आप वीडिओ के ऊपर (दाहिनी तरफ) जहां पर 3 लाइनें बनी हुयी हैं, उसको क्लिक कर दें । पांचों वीडिओ आपके सामने ड्रॉप - डाउन मेन्यू में खुल जायेंगे । आप किसी भी वीडिओ को वहां से चला सकते हैं ।


आप सब अपने जीवन में गुरु दीक्षा निरंतर ग्रहण कर सकें और जीवन में गुरु की पूर्ण कृपा प्राप्त कर सकें, ऐसी ही शुभेच्छा है ।

:)

 
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